help

2

आदाब मेरे प्यारे दोस्तों आज में आप को जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ। वह लड़की बड़ी खूबसूरत है और ये कहानी आज बहुत ही रोमांचक होने वाली है दोस्तों तो कहानी सुरु करने से पहले में आप को अपने बारे में बता देता हु। दोस्तों मेरा नाम अमजद है दोस्तों में दिखने में बहुत ही खूबसूरत हु मेरे मोहले की हर लड़की मुझपे फ़िदा है दोस्तों मेरे लण्ड की साइज 6.9” है और 3 इंच मोटा है।  मेरा एक दोस्त रहमान है.. जिसकी एक ब्यूटी पार्लर वाली के साथ दोस्ती है.. रहमान अक्सर उसके घर भी जाता है। ब्यूटी पार्लर वाली का नाम रेशम था।  एक दिन जब रहमान रेशम से मिलकर आया.. तो रहमान ने मुझसे बताया कि आज रेशम के पार्लर में एक लड़की आई है.. वो बहुत ही खूबसूरत है.. और रहमान ने मुझे कहा की यार वो तुम्हारे मतलब की है.. उसका नाम रुबिका है और भाई क्या बताऊ रुबिका के बारे में भाई उसकी बड़ी-बड़ी आँखें हैं.. लम्बे ओर खुले बाल रखती है.. रुबिका की पतली सी कमर लगभग 28 की है। और रुबिका की गांड तो बहुत अच्छी है।

रुबिका के बूब्स बहुत सेक्सी और गोल-गोल और तने हुए हैं, रुबिका के बूब्स क्रिकेट की बॉल के साइज़ के होंगे.. या कुछ और बड़े हुए तो नारियल के गोले समझ ले। रुबिका बहुत शानदार है.. स्टायलिश है.. मतलब भाई वो तुम्हारे मतलब की है। मेरा दोस्त मुझे ऐसे बता रहा था और मैं सुनते-सुनते उस लड़की में खो सा गया और मैंने रुबिका से मिलने के लिए ‘हाँ’ कर दी। मेरे दोस्त ने अपनी दोस्त रेशम की मदद से मेरी उस लड़की से दोस्त के घर पर ही मिलने की सैटिंग कर दी। तय वक्त के अनुसार हम लोग उसके घर पहुँचे.. उसकी दोस्त ने हमें अन्दर बुलाया और हमें चाय पिलाने के बाद रुबिका से परिचय कराया। जब मैंने रुबिका को देखा तो सच में मेरा भेजा हिल गया.. लंबे से कद और स्लिम फिगर में रुबिका के नारियल जैसे बूब्स तने हुए थे.. दोस्तों मेरा मन किया की अभी इसकी कमर में हाथ डालकर रुबिका के बूब्स को मुँह में रख कर चूसने लगूँ.. लेकिन पहली मुलाक़ात में ऐसा नहीं कर सकते थे।

जब रुबिका ने मुझे देखा था.. तो रुबिका के चेहरे पर खुशी देखकर यह अहसास हुआ था कि शायद रुबिका ने भी मुझे पसंद कर लिया है।
हम चारों वहीं बैठकर बातें करते रहे और मेरी दोस्ती उसके साथ गहरी होती चली गईं। फिर रेशम ने कहा- अमजद तुम रुबिका को लेकर दूसरे कमरे में बैठकर बातें करो.. मुझे रेहमान के साथ कुछ प्राइवेट बात करनी है। फिर मैं और रुबिका दूसरे रूम में चले गए और कमरे में जाते ही मैं अपने को रोक नहीं पाया.. जैसे ही कमरे के अंदर गए और मेने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और फिर मैंने रुबिका की कमर पकड़ ली.. और रुबिका के होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैंने रुबिका के होठो चूसना शुरू कर दिया.. पहले तो रुबिका ने मुझसे से अपने आप को दूर करने की कोशिस करने लगी लेकिन मेरी पकड़ मज़बूत होने की वजह से रुबिका खुद को छुड़ा नहीं पाई।

अगले कुछ ही समय में रुबिका भी मेरे होंठों चूसने लगी.. मैं रुबिका को चुम्बन करता गया। चूमते हुए मैं रुबिका की गर्दन पर आ गया।
तब रुबिका की गर्म साँसें इतनी तेज़ चल रही थीं कि मेरा लण्ड जल्दी से टाइट होकर 6.9 इंच लम्बा और बहुत मोटा हो गया था… जो कि पैन्ट में समा नहीं पा रहा था। उस दिन मुझे पता चला कि मेरा लण्ड वाकई में इतना बड़ा और इतना मोटा है.. क्योंकि पहले कभी इस तरह का मौका ही लगा था.. ये बड़ा तो दिखता था.. लेकिन आज रुबिका के होंठों को चूसने के बाद उसने सही से अंगड़ाई ली थी। खैर छोड़ो.. जब मैंने रुणिका की गर्दन पर किश करना शुरू किया.. तो रुबिका और भी मस्त हो गई। मैं भी बिना हिचकिचाहट के रुबिका के दोनों नारियल पर हाथ रख कर उसे सहलाने लगा। बूब्स को सहलाते हुए मैंने रुबिका के निप्पल को अपनी हाथ से मसला.. तो रुबिका कसमसा गई। फिर मेने बिना देर किए रुबिका की शर्ट के बटन खोल दिए.. दोस्तों अजीब बात थी की रुबिका ने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी..

रुबिका के बूब्स के जैसे दूध.. गोरे.. चमकदार और एकदम तने हुए थे, उसके निप्पल नारियल के गोले के रंग के डार्क ब्राउन थे। मैं दोनों दूध अपने दोनों हाथों से पकड़ कर मसल रहा था और अपनी ज़ुबान से निपल्स को भी चाट रहा था। रुबिका की हालत अब बहुत ही मस्त हो चुकी थी, रुबिका से भी रहा नहीं गया और रुबिका ने मेरे लण्ड को पैन्ट के ऊपर से हाथ घूमते हुए मेरे लण्ड को सहलाना शुरू कर दिया थोड़ी देर सहलाने के बाद रुबिका ने मेरी पैन्ट का बटन खोलकर पैन्ट उतार दी। फिर मेरे अंडरवियर को उतारा.. मैंने अपनी शर्ट खुद ही उतार दी। अब मैं पहली बार किसी के सामने नंगा खड़ा था.. पर मुझे अच्छा लग रहा था। रुबिका मेरे लण्ड को खूब सहला रही थी और मुझे किश भी कर रही थी। मैंने भी अपने हाथों को खाली नहीं छोड़ा था.. मैं रुबिका के दोनों बूब्स को सहलाता.. तो कभी रुबिका की पतली कमर सहलाते हुए उसके उठे हुए चूतड़ों पर अपने हाथ फेरता रहा।

42

फिर मैंने रुबिका को मेने कहा की जानू अब मेरा लण्ड अपने मुँह में रखने की कृपा करो.. तो रुबिका बिना कुछ कहे घुटनों के बल बैठ गई ओर पहले तो मेरे लौड़े को पकड़ कर उसके सुपारे पर ४-५ किस्स किए.. फिर अपने मुँह में रखकर अपने मुँह को आगे पीछे करने लगी और चाटना शुरू कर दिया। अल्लाह.. रुबिका के मुँह में क्या जादू था और रुबिका के मुँह की लार से मेरा लण्ड एकदम गीला हो गया। लण्ड गीला होने के बाद जो मज़ा आया था.. वो मैं शब्दों में नहीं बता सकता.. बस ये समझ लीजिए कि मुँह का थूक लगते ही.. मज़ा 4 गुना हो गया।
उस दिन मुझे एक बात का अंदाज़ा और लगा कि जितना मज़ा मुझे चुसवाने में आ रहा था.. उससे कहीं ज़्यादा मज़ा रुबिका को मेरे लण्ड को चूसने में आ रहा था।

दोस्तों कुछ देर बाद मुझे लगा कि मैं अनलोड होने वाला हूँ.. तो मैंने रुबिका को पकड़ कर खड़ा कर दिया और रुबिका के साथ फिर से चूमा-चाटी करने लगा। फिर मैंने रुबिका की जीन्स के बटन खोलकर रुबिका की जीन्स उतार दी। सच में रुबिका के चूतड़ भी बहुत प्यारे थे। मैंने घुटनों के बल बैठकर रुबिका के दोनों चूतड़ों पर किश किए.. फिर मैं खड़ा हो गया और उसके नंगे बदन से लिपट कर उसे खूब चुम्बन किए। अब मैं रुबिका गोद में उठा कर बिस्तर तक ले गया और लिटा दिया। फिर मेने रुबिका के पेट के ऊपर मुँह रख कर चुम्बन करने लगा। फिर रुबिका की नाभि में अपनी ज़ुबान डालकर शरारत की.. रुबिका सिहर उठी थी। फिर कुछ देर बाद मेने रुबिका की टाँगों के बीच सर रखकर रुबिका की जाँघों पर चूमा.. फिर रुबिका की डार्क ब्राउन चूत को अपने हाथ की उंगली और अंगूठे से फैलाकर अपनी ज़ुबान से चाटना शुरू किया।

मैंने थूक से रुबिका की चूत गीली कर दी और मैं बराबर उसकी चूत में अपनी ज़ुबान चलाने लगा.. रुबिका मस्ती में कराहने लगी- आ..ह आ.. ह ओ..ह उई.. अब रुबिका इतनी मस्त थी कि उसकी चूत से हल्का पानी रिसने लगा। रुबिका की चूत चाटकर मैं उसे मज़ा जो दे रहा था.. रुबिका के मज़े के साथ मेरा लण्ड भी फनफना रहा था। अब रुबिका ने मुझसे कहा- जानेमन.. बस करो और जल्दी से अपना लण्ड मेरी चूत में घुसेड़ दो.. मैं भी तैयार था.. जल्दी से मैंने जेब से कन्डोम का पैकेट निकाला और उसे फाड़ा.. रुबिका ने जल्दी से छुड़ाया.. कन्डोम को मेरे लण्ड पर पहनाया और मुझसे कहा- मेरी जान.. अब देर ना करो.. रुबिका को अब इतनी चुदास चढ़ गई थी कि मुझे लिटाकर रुबिका मेरे ऊपर बैठ गई.. मेरे लण्ड के सुपारे को अपने छेद में फंसाया और थोड़ा सा झटका दिया.. मेरा लण्ड रुबिका की गरम गुफा में घुस गया।

उसने दो-चार झटके ही दिए होंगे कि उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.. फिर रुबिका झुक गई और बोली- अब डालो.. मैंने उसके अन्दर फिर लौड़े को डाला और धक्के लगाना शुरू कर दिए.. वो दूसरी बार.. और फिर तीसरी बार भी झड़ गई। लेकिन मैं पूरे जोश के साथ चुदाई करता रहा। थोड़ी देर में रुबिका चौथी बार झड़ी.. फिर रुबिका ने मुझसे कहा- मेरी जान अब निकाल दो.. मैं थक गई हूँ.. लेकिन मैं पूरी तैयारी से था.. मुझे उसके साथ चुदाई में सवा घंटा हो गया था.. रुबिका लगातार 3 बार झड़ चुकी थी। अब वो सिर्फ़ एक ही बात कहे जा रही थी- कब झड़ोगे.. प्लीज़ जल्दी निकालो.. मैं बोलता जा रहा था- बस जान.. दो मिनट में.. जब रुबिका चौथी बार झड़ी.. तो आधा घंटा हो चुका था.. सात बार झड़ने के बाद रुबिका ने मुझे हटा दिया और तौलिया लपेटकर कमरे से बाहर आ गई।

41

मैंने भी जल्दी से पैंट पहनी और रुबिका के पीछे रेशम के कमरे में आ गया। रुबिका ने रो-रो कर अपनी चूत की हालत बताई। रुबिका की बात सुनकर वो लोग भी हैरान हो गए। आधा घंटा चुदाई.. रेशम मुझसे बोली- क्या बात है.. मियां.. मैंने कहा- कुछ नहीं.. लेकिन तुम रुबिका को बोलो कि मुझे पूरा झड़ने तक चुदाई करे.. फिर रेशम ने रुबिका को समझाया- जाओ पांच मिनट और लगवा लो। अब फिर चुदाई की तैयारी हो गई.. फिर यूं ही 5 मिनट हो गए थे.. रुबिका को भी इस बीच आराम मिल गया था और रुबिका मान गई। फिर से कमरे में चली गए.. लेकिन ये आराम लेने के बाद मेरा लण्ड और खूँखार हो गया था.. मैंने फिर से रुबिका को गोद में उठा कर उसे खड़े-खड़े ही अपने लण्ड पर बैठाया और चूत के अन्दर मूसल को डाल दिया..। फिर अपने हाथ उसके चूतड़ के नीचे रखकर चोदने लगा।

रुबिका फिर से मस्त हो गई थी.. मैंने उसे थोड़ी देर खड़े होकर चोदा और फिर बिस्तर पर लिटा दिया.. तथा ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। मैंने रुबिका के साथ दस मिनट लगाए.. रुबिका इस बीच दो बार और झड़ गई। मैंने रुबिका के जिस्म को अपनी बाँहों में ज़ोर से जकड़ कर बहुत ही ज़ोर के धक्के मार-मार कर चोदा। जब जाकर मेरे लण्ड से पानी निकाला। इस चुदाई में अब मैं भी थक चुका था। रुबिका का हाल तो बताने के लायक ही नहीं था। उसकी चूत के तो चीथड़े उड़ गए थे। वापस आते वक्त मेरा दोस्त हँस कर बोला- मैं तुम्हारी ये बात कभी नहीं भूलूँगा.. हम लोग अपने घर वापस आ गए। खुदा हाफिस दोस्तों प्लीज शेयर जरूर करे दोस्तों सुक्रया।